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दूरियां धन को फूंक अनुभव की क़लम से सीने से मासूमियतमहबूबकी सुखद उसका स्थान सब से प्रेम सघन और स्याह रातों नशा लिया जाता सुनो ना उपहार अपनी प्रकृति प्रतिष्ठा तन व मन माँ सुमधुर फलदायक सामुहिक रूप से खुश रहें जिसमेंजैसीस्याहीभरेंगेवोवैसाहीलिखेगा।&39;शुभ्र&39; फिर न पाएंगे

Hindi श्रम से अर्जित Quotes